Chandraprabha Vati Uses in Hindi | चन्द्रप्रभा वटी के फायदे, उपयोग व नुकसान

Chandraprabha Vati Uses in Hindi – चन्द्रप्रभा वटी एक आयुर्वेदिक दवा है। इसका उपयोग मुख्य रूप से मूत्र विकारों को दूर करने, शरीर को ताकत प्रदान करने, डायबिटीज को नियंत्रित करने, किडनी संबंधी रोगों का इलाज करने और सेक्सुअल समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा भी चन्द्रप्रभा वटी के कई फायदे (chandraprabha vati benefits in hindi) है, जिनके विषय में हम आगे जानेंगे। भारत में लगभग सभी प्रमुख आयुर्वेदिक कंपनियां जैसे पतंजलि, डाबर, झंडू व बैद्यनाथ चन्द्रप्रभा वटी का निर्माण करते हैं। यह टैबलेट के रूप में आती है और महिला-पुरूष दोनों ही इसका उपयोग कर सकते हैं।   

चन्द्रप्रभा वटी को चित्रक छाल, वायविडंग, देवदारु, नागरमोथा, पीपल, कर्चूर व कालीमिर्च जैसे 30 से अधिक जड़ी-बूटियों के संयोजन से बनाया जाता है, आयुर्वेद के अनुसार इसके सेवन से शरीर में चंद्रमा जैसी चमक और ताकत पैदा होती है। अगर आप चन्द्रप्रभा वटी के बारे में जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े। इस आर्टिकल में हम चन्द्रप्रभा वटी के फायदे (patanjali chandraprabha vati ke fayde), चन्द्रप्रभा वटी के उपयोग का तरीका (chandraprabha vati uses in hindi), खुराक, सावधानियां और चन्द्रप्रभा वटी के नुकसान (chandraprabha vati side effects in hindi) के बारे में जानेंगे। 

चन्द्रप्रभा वटी क्या है – Chandraprabha Vati in Hindi

ayurvedic medicine chandraprabha vati

चन्द्रप्रभा वटी आयुर्वेद की कुछ खास वटियों में से एक है, इसे चन्द्रप्रभा गुटिका के नाम से भी जाना जाता है। जैसा की इसके नाम से ही जाहिर हो जाता है की इसका संबंध कहीं न कहीं चंद्र यानी चाँद से है। दरअसल, “चन्द्रप्रभा” दो शब्दों से मिलकर बना है। “चंद्र” जिसका अर्थ चंद्रमा और “प्रभा” जिसका अर्थ प्रकाश या किरण से है। आयुर्वेद में ऐसा माना जाता है की इसके सेवन से शरीर में चंद्रमा जैसी चमक और बल पैदा होता है। शरीर के लिए चन्द्रप्रभा वटी के फायदे (chandraprabha vati uses in hindi) शानदार है और कई बीमारियों के इलाज में इसका उपयोग किया जाता है। यही कारण है की आयुर्वेद में इसे इतना उपयोगी माना गया है। 

चन्द्रप्रभा वटी का उपयोग – Chandraprabha Vati Uses in Hindi 

चन्द्रप्रभा वटी (chandraprabha vati ) एक आयुर्वेदिक दवा और और इसका उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है। नीचे हम आपको उन सभी शारीरिक समस्याओं के बारे में बता रहे हैं, जिनके उपचार में चन्द्रप्रभा वटी का उपयोग (chandraprabha vati uses in hindi) फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • पेशाब में जलन महसूस होना।
  • बार–बार पेशाब आना।  
  • रुक-रुक कर पेशाब आना।  
  • मूत्राशय में सूजन की समस्या।
  • अधिक मोटापा बढ़ना।
  • किडनी संबंधी समस्याओं के लिए। 
  • रक्त में ग्लूकोज का बढ़ना (मधुमेह)।
  • शारीरिक कमजोरी महसूस होना। 
  • जल्दी थकान महसूस होना।
  • आँखे अन्दर धँस जाना।  
  • भूख न लगना।  
  • शरीर में एनर्जी और स्टैमिना की कमी महसूस होना।
  • वीर्य कम बनना। 
  • मूत्र के साथ वीर्य का गिरना। 
  • सेक्सुअल कमजोरी का होना। 
  • जोड़ो और मांसपेशियों में दर्द व सूजन रहना।
  • ल्यूकोरिया की समस्या। 
  • अंडकोषों का बढ़ना (हाइड्रोसील)। 
  • पाचन संबंधी समस्याएं रहना। 

नोट : चन्द्रप्रभा वटी एक आयुर्वेदिक दवा जरूर है, लेकिन किसी भी गंभीर समस्या के लिए इसका सेवन करने से पहले एक बार चिकित्स्क की सलाह जरूर लेनी चाहिए, साथ ही अगर आप किसी अन्य दवा का पहले से सेवन कर रहे हैं तो भी आपको इसके सेवन से पहले चिकित्स्क से सलाह लेनी चाहिए।  

चन्द्रप्रभा वटी की सामग्री – Chandraprabha Vati Ingredients in Hindi

चन्द्रप्रभा वटी के उपयोग जानने के बाद अब इसकी सामग्री के बारे में भी जान लेते हैं। जैसा की हमने आपको ऊपर बताया था की इसे एक-दो नहीं बल्कि 30 से ज्यादा जड़ी-बूटियों के संयोजन से बनाया जाता है। इसमें मौजूद कुछ मुख्य सामग्री की लिस्ट इस प्रकार है।

  • कपूर (Kapoor)
  • वचा (Vacha)
  • चित्रक छाल (Chitraka Chal)
  • गुग्गुल (Guggul)
  • लौह भस्म (Loha Bhasma)
  • शिलाजीत (Shilajit)
  • पिप्पली (Pippali)
  • छोटी एला (Choti Ela)
  • सौंठ (Sonth)
  • सेंधा नमक (Sendha Namak)
  • विड लवण (Vid Lavana)
  • तेजपत्र (Tejpatta)
  • दारुहरिद्रा (Daruharidra)
  • दालचीनी (Dalchini)
  • काली मिर्च (Kali Mirch)
  • चव्य (Chavya)
  • हरीतकी (Haritaki)
  • बहेड़ा (Baheda)
  • आमलकी (Amalaki)
  • देवदारु (Devdaru)
  • गुडुची (Giloy)
  • यवक्षार (Yavakshar)
  • मुस्ता (Musta)
  • दंति मूल (Danti Mool)
  • धनिया (Dhaniya)

चन्द्रप्रभा वटी के फायदे – Chandraprabha Vati Benefits in Hindi

chandraprabha vati benefits uses dosage and side effects

चन्द्रप्रभा वटी टैबलेट के फायदे (chandraprabha vati uses in hindi) इस प्रकार हैं। 

1. मूत्र संबंधी समस्याओं के लिए लाभकारी

मूत्र संबंधी समस्याओं के लिए चन्द्रप्रभा वटी के फायदे (chandraprabha vati benefits in hindi) अद्भुत है। बारबार पेशाब आना, पेशाब में जलन महसूस होना, पेशाब का रुक-रुक कर आना व मूत्राशय में सूजन की समस्या के लिए इसका उपयोग बेहद फायदेमंद होता है। अगर आप भी पेशाब संबंधी इन समस्याओं से परेशान रहते है तो चन्द्रप्रभा वटी दवा आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।  

2. वीर्य संबंधी समस्याओं के लिए चंद्रप्रभा वटी का उपयोग

चंद्रप्रभा वटी (chandraprabha vati in hindi) का सेवन वीर्य संबंधी समस्याओं के लिए भी अच्छा रहता है। वीर्य का कम बनना, पेशाब के साथ वीर्य आना, समय से पहले वीर्य स्खलन व स्वपन में वीर्य का निकलना (स्वप्नदोष) जैसी अनेक समस्याओं को दूर करने में यह सहायक होता है। साथ ही इसके सेवन से महिला व पुरुषों की प्रजनन क्षमता में भी वृद्धि होती है। 

यह भी जरूर पढ़े : डाबर शिलाजीत गोल्ड कैप्सूल के फायदे

3. जोड़ों के दर्द के लिए चन्द्रप्रभा वटी के लाभ

जोड़ों के दर्द के लिए चन्द्रप्रभा वटी को काफी असरदार दवा माना जाता है। यह शरीर में बड़े हुए यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करती है, जिससे जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। बता दें की, रक्त में यूरिक एसिड के बढ़ने से गाउट नामक बीमारी होने की संभावना भी बढ़ जाती है जो जोड़ो के दर्द का कारण बनती है। चन्द्रप्रभा वटी (chandraprabha vati) यूरिक एसिड को कम करने में मदद करती है, जिससे जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।  

4. मोटापा कम करने में सहायक

चन्द्रप्रभा वटी का उपयोग (chandraprabha vati tablet uses in hindi) मोटापे पर नियंत्रण पाने के लिए भी किया जा सकता है। इसमें मौजूद सामग्री शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने में काफी सहायक होते हैं, साथ ही इसके सेवन से शरीर में मौजूद अवांछित या दूषित पदार्थों से भी मुक्ति मिलती है, जिससे भी मोटापा कम करने में मदद मिलती है। वजन कम करने के लिए मेदोहर वटी को भी काफी लाभदायक माना जाता है। आप इसके बारे में भी पढ़ सकते हैं।  (मोटापा कम करने के लिए मेदोहर वटी के फायदे)  

5. शरीर को ताकत प्रदान करना

अगर आप शारीरिक कमजोरी से जूझ रहे हैं और आपके शरीर में एनर्जी व स्टैमिना की कमी भी रहती है तो चन्द्रप्रभा वटी टैबलेट (chandraprabha vati tablet) आपके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इसके सेवन से शरीर को ताकत और ऊर्जा मिलती है, शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है और शरीर से आलस दूर होता है। शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए इसे सबसे ज्यादा उपयोगी आयुर्वेदिक दवाओं में से एक माना जाता है।   

6. किडनी के लिए लाभदायक

किडनी संबंधी विकारों के लिए भी चन्द्रप्रभा वटी के फायदे (chandraprabha vati benefits in hindi) अच्छे हैं। इसके सेवन से किडनी स्वस्थ रहती है और किडनी संबंधी रोगों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। दरअसल, यह वटी शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करती है, जिससे किडनी स्वस्थ रहती है। यूरिक एसिड के बढ़ने से किडनियों पर सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है।

7. डायबिटीज के खतरे को कम करें

डायबिटीज यानी मधुमेह एक गंभीर बीमारी है और इस पर पूरी तरह से काबू कर पाना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन सही खनापन और कुछ आयुर्वेदिक दवाओं की मदद से इसे नियंत्रित जरूर किया जा सकता है। चंद्रप्रभा वटी (chandraprabha vati in hindi) में एंटी-डायबिटिक गुण मौजूद होते हैं, जो डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। 

यह भी पढ़े : बादाम पाक क्या है – पतंजलि बादाम पाक के फायदे

8. पाचन संबंधी समस्याओं के लिए चंद्रप्रभा वटी के फायदे

पेट और पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए भी चंद्रप्रभा वटी के लाभ (chandraprabha vati ke fayde) अच्छे हैं। यह पेट की गैस, अपच, एसिडिटी व कब्ज़ को दूर करने में मददगार होती है। आजकल गलत खानपान व खराब जीवनशैली के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखने को मिलती है, ऐसे में चंद्रप्रभा वटी के सेवन से इन समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। हालांकि, इसके साथ-साथ खानपान में सुधार भी जरूरी होता है।

9. बवासीर के खतरे को कम करें

बवासीर के शुरुआती स्टेज में चंद्रप्रभा वटी (chandraprabha vati) का सेवन लाभकारी हो सकता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि इसके सेवन से पेट व पाचन से जुड़ी समस्याएं कम हो सकती है, जिसका लाभ बवासीर में भी देखने को मिलता है। साथ ही यह कब्ज को दूर करने में भी सहायक होती है, जो बवासीर का एक मुख्य कारण होता है।

यह भी जरूर पढ़े : पाइलेक्स टैबलेट के फायदे व उपयोग

10. त्वचा के लिए लाभकारी

आयुर्वेद में चंद्रप्रभा (chandraprabha vati) को त्वचा के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार इसके सेवन से शरीर को चंद्र जैसी चमक और बल मिलता है, जो इसके नाम से भी जाहिर होता है। इसके अलावा कई प्रकार की त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए भी चंद्रप्रभा वटी का उपयोग लाभकारी होता है। 

11. महिलाओं के लिए चंद्रप्रभा वटी के लाभ 

चंद्रप्रभा वटी का उपयोग (chandraprabha vati use in hindi) महिलाओं के लिए के भी काफी लाभकारी होता है। यह पीरियड्स के दौरान होने वाले तेज दर्द, ऐंठन व कमजोरी को कम करने में सहायक होता है, इसके सेवन से हार्मोन बैलेंस रहते हैं। इसके अलावा यह गर्भाशय संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी मददगार होती है। इस तरह स्त्री रोगों के लिए चंद्रप्रभा वटी एक अच्छी आयुर्वेदिक दवा साबित हो सकती है। 

चंद्रप्रभा वटी के अन्य लाभ – Chandraprabha Vati Ke Fayde

चंद्रप्रभा वटी टैबलेट के कुछ अन्य लाभ इस प्रकार है। 

  • यूरिक एसिड के लिए यह एक रामबाण दवा है।  
  • पीलीया रोग के लिए चंद्रप्रभा वटी का सेवन फायदेमंद होता है। 
  • यह भूख न लगने की समस्या के लिए भी काफी उपयगी है,  इसके सेवन से भूख खुलकर लगती है।
  • यह वटी कमर दर्द में भी राहत देने का कार्य करती है। 
  • नेत्र रोगों के लिए चंद्रप्रभा वटी के फायदे अच्छे हैं। 
  • यह मानसिक तनाव को कम करने में भी काफी सहायक होती है। 
  • इसके सेवन से स्मरण शक्ति भी मजबूत होती है। 
  • प्रोस्टेट ग्रंथि को बढ़ने से रोकने के लिए भी चंद्रप्रभा वटी का उपयोग फायदेमंद होता है। 

चंद्रप्रभा वटी के सेवन का तरीका – How To Use Chandraprabha Vati

चंद्रप्रभा वटी सामान्यतः टैबलेट के रूप में आती है। इसकी एक-एक गोली को सुबह-शाम पानी या गुनगुने दूध के साथ लिया जा सकता है। कमजोरी के लिए इसे दूध के साथ लेना फायदेमंद होता है, जबकि अन्य समस्याओं के लिए आप इसे पानी के साथ भी ले सकते हैं। इसका अधिक सेवन भी न करें। बेहतर परिणाम के लिए आपको चिकित्सक की सलाह से ही इसका सेवन करना चाहिए। साथ ही अगर आप पहले से किसी अन्य दवा का सेवन कर रहे हैं तो इसके सेवन से पहले भी चिकित्सक की सलाह जरूर लें। 

चंद्रप्रभा वटी के नुकसान – Chandraprabha Vati Side Effects in Hindi  

चंद्रप्रभा वटी (chandraprabha vati) एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। अगर इसे किसी अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से लिया जाये तो इसका कोई नुकसान नहीं होगा। फिर भी अगर आपको इसके सेवन से किसी प्रकार का साइड इफ़ेक्ट महसूस होता है तो इसका सेवन तुरंत बंद कर दें और चिकित्सक को इसके बारे में जानकारी दें।

चंद्रप्रभा वटी की सावधानियां – Precautions of Chandraprabha Vati in Hindi

चंद्रप्रभा वटी  में लोह (iron) की मात्रा होने के कारण निम्न परिस्थियों में इससे परहेज करना सही रहेगा। 

  • थैलेसीमिया 
  • अल्सर
  • लौह अधिभार
  • गर्भवती महिलाओं व शिशु को दूध पिलाने वाली माताओं को चिकित्सक की सलाह से ही इसका सेवन करना चाहिए।

इन बातों का भी जरूर ध्यान रखे – Chandraprabha Vati Hindi

  • चंद्रप्रभा वटी का उपयोग करने से पहले हमेशा चिकित्सक की सलाह जरूर लें। 
  • लगातार 3 महीनें से ज्यादा इसका सेवन न करें। 
  • किसी भी रोग के लिए चंद्रप्रभा वटी तभी उपयोगी साबित हो सकती है जब आपका खानपान भी सही होगा।
  • गर्मियों में इसका सेवन कर रहे हैं तो फिर दिनभर खूब पानी पिएं। 
  • आधीक मात्रा में इसका सेवन न करें। 
  • किसी अच्छी आयुर्वेदिक कंपनी की ही चंद्रप्रभा वटी का उपयोग करें।
  • इसके सेवन से पहले उसमे लिखे दिशा-निर्देश भी जरूर पढ़ लें।  

चंद्रप्रभा वटी कहाँ से खरीदें

चंद्रप्रभा वटी आपको किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर में मिल जाएगी साथ ही आप इसे ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। चंद्रप्रभा वटी बनानी वाली कुछ प्रमुख आयुर्वेदिक कंपनियां इस प्रकार है –

1.Patanjli दिव्या चंद्रप्रभा वटीCheck Prize
2.Dabur चंद्रप्रभा वटीCheck Prize
3.Baidyanath चंद्रप्रभा वटीCheck Prize
4.Sri Sri Tattva चंद्रप्रभा वाटीCheck Prize
5.Zandu चंद्रप्रभा वटीCheck Prize

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल – FAQ   

Q. क्या महिलाएं इसका सेवन कर सकती है

Ans. जी हाँ, महिलाओं के लिए यह एक काफी उपयोगी दवा है। इसके सेवन से पीरियड में होने दर्द व ऐंठन से राहत मिलती है।

Q. चंद्रप्रभा वटी का कितने दिन तक सेवन करना चाहिए

Ans. इसे लगातार 2-3 महीने तक लिया जा सकता है, उसके बाद कुछ दिनों का गैप रखें। लेकिन आपको चिकित्सक के बताये गए तरीके से ही इसका सेवन करना चाहिए।

Q. चंद्रप्रभा वटी का सेवन कब करना चाहिए

Ans. यह इस बात कर निर्भर करता है की आप किस समस्या के लिए इसका सेवन करना चाहते हैं, सामान्यतः इसे भोजन करने के 40-45 मिनट बाद लिया जाता है, बेहतर होगा की आप चिकित्सक के बताये गए तरीके से ही इसका सेवन करें।

Q. किस कंपनी की चंद्रप्रभा वटी सबसे अच्छी होती है

Ans. आप किसी भी आयुर्वेदिक कंपनी जैसे पतंजलि, डाबर, झंडू या वैधनाथ की चंद्रप्रभा वटी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Q. क्या इसे पानी के साथ ले सकते हैं

Ans. जी हाँ, आप इसे दूध या पानी के साथ ले सकते हैं।

Q. क्या वेट लॉस के लिए चंद्रप्रभा वटी का इस्तेमाल कर सकते हैं

Ans. जी हाँ, आप वेट लॉस के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मददगार होती है।

Q. चंद्रप्रभा वटी पाइल्स के लिए किस तरह उपयोगी है

Ans. चंद्रप्रभा वटी में आमलकी, बहेड़ा, हरीतकी व गुग्गुल जैसी जड़ी-बूटियां मौजूद होती है, जो पाइल्स के लिए काफी ज्यादा उपयोगी होती है।

निष्कर्ष – Conclusion

चंद्रप्रभा वटी एक बेहतरीन आयुर्वेदिक दवा है, यह शारीरिक कमजोरी दूर करने के साथ-साथ कई और गंभीर समस्याओं से लड़ने में भी मददगार होती है। साथ ही अगर इसे सही तरीके से लिया जाए तो इससे शरीर को किसी प्रकार का कोई नुकसान भी नहीं होता। उम्मीद है की अब आप चंद्रप्रभा वटी के फायदे (chandraprabha vati uses in hindi) अच्छी तरह से जान चुके होंगे। अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। साथ ही इस आर्टिकल को अन्य लोगों के साथ भी शेयर जरूर करें।

Disclaimer : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या डॉक्टरी सलाह का विकल्प नहीं हो सकता। इजी लाइफ हिंदी इनकी पुष्टि नहीं करता है, इस तरह के किसी भी उपचार, दवा, डाइट इतियादी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें, किसी भी नुकसान के लिए इजी लाइफ हिंदी जिम्मेदारी नहीं लेगा।

आपके लिए कुछ खास आर्टिकल

Share This Article

Photo of author

Deepak Bhatt

Hello readers! My name is Deepak Bhatt, a writer and operator of this website. I've completed my studies from Delhi University, and now through my website, I'm motivating people to improve their lifestyle with authentic and tested information.

1 thought on “Chandraprabha Vati Uses in Hindi | चन्द्रप्रभा वटी के फायदे, उपयोग व नुकसान”

Leave a Comment

close button