Ash Gourd in Hindi | सेहत के लिए अमृत समान है सफेद पेठा, जानिए फायदे और नुकसान

Ash Gourd in Hindi : सफेद पेठा या ash guard बेल पर लगने वाली एक सब्जी है, इसे फलों की श्रेणी में भी रखा जाता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर सब्जी या पेठा (मिठाई) बनाने के लिए किया जाता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि इसका जूस निकालकर भी पिया जा सकता है। सफेद पेठा का जूस (Ash Gourd Juice) स्वास्थ्य के लिए अमृत समान माना जाता है, इसके सेवन से न सिर्फ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, बल्कि यह डायबिटीज, मोटापा, अल्सर, ह्रदय व पाचन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में भी सहायक होता है।  

ज्यादातर लोग सफेद पेठा के फायदे (ash gourd benefits in hindi) से वंचित है, वे इसे केवल एक साधारण सी सब्जी मानते है और इसका सेवन तक करना पसंद नहीं करते हैं। लेकिन आज हम आपको सफेद पेठे के कुछ ऐसे फायदों के बारे में (ash gourd in hindi) बताएंगे, जिन्हें जानने के बाद आप इसके सेवन के बारे में जरूर सोचेंगे। साथ ही इस आर्टिकल में हम सफेद पेठे के सेवन का सही तरीका, इसका जूस बनाने की विधि और इससे होने वाले नुकसानों (safed petha ke nuksan) के बारे में भी जानेंगे।

सफेद पेठा क्या होता है – Ash Gourd in Hindi

ash gourd in hindi

सफेद पेठा एक प्रकार का फल या सब्जी है। इसे ऐश गार्ड (ash gourd), वैक्स गार्ड (wax gourd), सफेद कद्दू, विंटर वाटरमेलन, कुमरा या चलकुमरा जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह बेल पर उगने वाली सब्जी है, जो बाहर से हल्का हरा और अंदर से सफेद दिखता है, जबकि इसका आकार गोल व लंबवत और स्वाद फीका होता है। गोल आकार में यह तरबूज जैसा और लंबवत आकर में यह बड़ी लोकी जैसा दिखाई देता है।

सब्जी के अलावा सलाद, जूस व मिठाई के रूप में भी इसका सेवन किया जा सकता है। आगरा के फेमस पेठे के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा, वो इसी से बनाया जाता है। लेकिन जूस के रूप इसका सेवन सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। स्वास्थ्य के लिए सफेद पेठा जूस के फायदे (safed petha juice ke fayde) बेहद शानदार हैं। यह शरीर को डिटॉक्स करने और शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करता है।

भारत और चीन में सफेद पेठे (ash gourd) का सबसे ज्यादा सेवन किया जाता है। भारत में पुराने समय में ऋषि-मुन्नी औषधि के रूप में इसका सेवन करते थे। आयुर्वेद में भी सफेद पेठे (ash gourd in hindi) को सेहत के लिए बेहद गुणकारी बताया गया है। यह बड़े ही अफसोस कि बात है कि इतना गुणकारी होने के बाद भी इसका बहुत कम सेवन किया जाता है। जिसका सबसे बड़ा कारण है कि लोगों को सफेद पेठा के फायदे (ash gourd benefits in hindi) और इसके सेवन के तरीके से बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

सफेद पेठे के कुछ अन्य नाम – Ash Gourd Name in Different Languages

सफेद पेठा को अलग-अलग भाषाओं में अलग-अलग नाम से जाना जाता है। इसके नाम को लेकर आपके मन में कोई दुविधा न हो इसलिए नीचे सभी भाषाओं में इसके नाम बताए गए हैं।

भाषानाम
हिंदीपेठा, सफेद कद्दू
इंग्लिशash gourd, wax gourd, winter watermelon
संस्कृतकुष्मांड, कूष्माण्डम्
बंगालीकुमरा, चल कुमरा
मराठीकोहळा
तमिलनीर पुसनीकाई
तेलुगुबुडीज गुम्माडिकाया
कन्नड़ाबूदुगुम्बाला
असमियाकोमोरा
मलयालमकुंभालंगा
उर्दुपेठा
गुजरातीकोळुं

पढ़ना जारी रखें, आगे हम सफेद पेठा खाने के फायदे (safed petha ke fayde) के बारे में जानेंगे।

सफेद पेठा के फायदे – Ash Gourd Benefits in Hindi

safed petha ke fayde

1. टॉक्सिन्स को दूर करता है

अनहेल्दी भोजन, खराब लाइफस्टाइल व प्रदूषण के कारण, हमारी बॉडी में बहुत से टॉक्सिन्स या जहरीले पदार्थ जमा होने लगते हैं जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बॉडी में टॉक्सिन्स बढ़ने से वजन बढ़ना, मुंह से बद्बू आना, किडनी, लिवर, स्किन व पेट से जुड़ी समस्याएं उतपन्न होने लगती है। इसलिए इन टॉक्सिन्स को बॉडी से निकालना बेहद जरूरी हो जाता है और इसमें सफेद पेठा (ash gourd in hindi) हमारी काफी सहायता करता है। 

सफेद पेठा का जूस (ash gourd juice) बॉडी को डिटॉक्स करने का कार्य करता है। रोज सुबह इसका जूस पीने से बॉडी में मौजूद टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। जिससे पेट स्वस्थ रहता है, किडनी, लिवर और हार्ट की कार्य क्षमता बढ़ती है और शरीर स्वस्थ रहता है। सफेद पेठा जूस के फायदे (safed pehta juice ke fayde) त्वचा व बालों के लिए भी अच्छे हैं।  

2. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ाने के लिए भी सफेद पेठा के फायदे (safed petha ke fayde) अच्छे हैं। इसमें कई प्रकार के विटामिन व मिनरल मौजूद होते हैं जो शरीर को रोगों से दूर रखने में मदद करते हैं। आयुर्वेद में भी इसे बीमारियों से बचाव के लिए बेहद उपयोगी माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार इसके सेवन से बीमारियां शरीर से दूर होती है और शरीर स्वस्थ रहता है।

3. मोटापा कम करने के लिए सफेद पेठा के फायदे

बढ़ते मोटपे से परेशान लोगों के लिए भी ash gourd का सेवन बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। इसमें नेचुरल एंटी-ओबेसिटी गुण मौजूद होते हैं जो शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही यह मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है। एक सही डाइट और एक्सरसाइज के साथ अगर नियमित सुबह सफेद पेठे के जूस का सेवन किया जाए, तो यह तेजी से वजन घटाने में काफी मदद कर सकता है। इसलिए इसे अपनी वेट लॉस डाइट में जरूर शामिल करें।       

4. डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायक

सफेद पेठा (ash gourd in hindi) डायबिटीज जैसी भयानक बीमारी के लिए भी काफी उपयोगी होता है। यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है, इसमें कार्बोहायड्रेट और शुगर कंटेंट न के बराबर होता है, साथ ही यह शरीर से अवांछित पदार्थों को दूर करने में भी मदद करता है। ऐसे में यह उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है जिनका शुगर लेवल ज्यादा रहता है। कई रीसर्च में भी सफेद पेठा को डायबिटीज के लिए उपयोगी माना गया है। हालांकि इसके लिए खानपान व जीवनशैली में सुधार भी जरूरी होता है।  

5. पेट को स्वस्थ रखता है

पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए भी सफेद पेठा बेहद फायदेमंद है। रोज सुबह इसका जूस पीने से पेट को ठंडक मिलती है और पेट में मौजूद टॉक्सिन्स की सफाई होती है। जिससे पेट से जुड़ी कई समस्याएं जैसे अपच, गैस, एसिडिटी, छाती में जलन व कब्ज की समस्या में आराम मिलता है। यह पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाने में मदद करता है। इस प्रकार पेट की बीमारियों के लिए सफेद पेठा के फायदे (ash gourd benefits in hindi) बेहद शानदार हैं। 

6. किडनी की सफाई

गुर्दे यानी किडनियों के लिए भी ash gourd फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुर्दों की हेल्थ के लिए अच्छे माने जाते हैं। साथ ही सफेद पेठे का जूस (ash gourd juice) पीने से किडनी में मौजूद टॉक्सिन्स की सफाई होती है, यह किडनियों में मौजूद गंदगी को साफ करने का काम करता है। इन सब कारणों से गुर्दे स्वस्थ रहते हैं और सही से अपना कार्य करते हैं। कई रीसर्च में भी सफेद पेठा को गुर्दों के लिए फायदेमंद बताया गया है।

7. लिवर के लिए पेठा के फायदे

किडनी के साथ-साथ सफेद पेठा जूस पीने से लिवर भी हेल्दी रहता है। यह किडनी के साथ-साथ लिवर को भी डिटॉक्स करने का काम करता है, साथ ही इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो सूजन कम करने में मददगार होते हैं। इसके अलावा सफेद पेठा लिवर की गर्मी को दूर करने में भी मदद करता है। इस तरह सफेद पेठा के फायदे (safed petha ke fayde) लिवर की हेल्थ के लिए भी अच्छे हैं।

8. नकसीर की समस्या के लिए

ऐश गॉर्ड नाक से खून यानी नकसीर की समस्या को दूर करने में भी सहायक होता है। दरअसल, नाक से खून आने का एक बड़ा कारण शरीर में पित्त यानी गर्मी का बढ़ना है। सफेद पेठा (ash gourd in hindi) की तासीर ठंडी होती है और यह शरीर को ठंडक प्रदान करता है। यही वजह है की इसके सेवन से नाक से खून बहने की समस्या भी दूर हो सकती है। हालाकिं इस संबंध में अभी तक कोई वैज्ञानिक शोध मौजूद नहीं है। 

9. शरीर को ठंडक प्रदान करें

सफेद पेठा (safed petha) शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ-साथ शरीर की गर्मी दूर करने में भी सहायक होता है। आयुर्वेद में इसे ठंडी तासीर वाला फल बताया गया है जो पित्त दोष को शांत करने का काम करता है। इसका सेवन ऐसे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है जो गामीयों के मौसम में शरीर की गर्मी से परेशान रहते हैं। 

10. त्वचा व बालों के लिए पेठा के फायदे

स्वास्थ्य के साथ-साथ सफेद पेठे के फायदे (ash gourd benefits in hindi) त्वचा व बालों के लिए भी शानदार है। इसमें मौजूद विटामिन व मिनरल्स त्वचा को स्वस्थ रखते हैं। नियमित इसका जूस पीने से त्वचा में चमक बढ़ती है, कील-मुहासें कम होते हैं और त्वचा लंबे समय तक जवां रहती है। त्वचा की तरह बालों के लिए भी इसे काफी ज्यादा लाभकारी माना जाता है, बालों पर सफेद पेठे के जेल का उपयोग करने से डैंड्रफ की समस्या में लाभ मिलता है और बाल चमकदार होते हैं।    

सफेद पेठा के अन्य फायदे – Safed Petha ke Fayde

  • पाइल्स की समस्या के लिए सफेद पेठा उपयोगी होता है। इसके सेवन से बवासीर में आराम मिलता है
  • ऐश गार्ड जूस (safed petha juice) एक प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक है जो शरीर में ऊर्जा विकसित करता है।
  • मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए भी सफेद पेठा गुणकारी होता है साथ ही यह तनाव को भी कम करने में मदद करता है।
  • हाई कोलेस्ट्रॉल के रोगियों के लिए सफेद पेठे का जूस लाभकारी होता है।
  • यह आंतों के अल्सर में भी राहत देने में मदद करता है।
  • पेशाब में जलन की समस्या से परेशान लोगों को ऐश गार्ड के सेवन से राहत मिल सकती है।
  • पीलिया के रोगियों को किसी न किसी रूप में सफेद पेठा जरूर खाना चाहिए।
  • ऐश गार्ड जूस (safed petha juice) पीने से मुंह के छालों से भी राहत मिल सकती है।
  • सफेद पेठा के फायदे कैंसर जैसी भयानक बीमारी के लिए भी अच्छे हैं। यह कैंसर से बचाव करने में मददगार होता है। 
  • सफेद पेठा शरीर में सूजन व दर्द को दूर करने में भी काफी सहायक होता है।

सफेद पेठा में मौजूद पोषक तत्व – Ash Gourd Nutrition in hindi

ऐश गार्ड में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसी कारण यह स्वास्थ्य के लिए इतना लाभकारी होता है। अमेरिकी कृषि विभाग (usda) के अनुसार ऐश गॉर्ड की नुट्रिशन वैल्यू इस प्रकार है।

पोषक तत्वमूल्य प्रति 100 ग्राम
पानी96.1 g
एनर्जी13 kcal
प्रोटीन0.4 g
टोटल लिपिड (फैट)0. 2 g
कार्बोहाइड्रेट3 g
फाइबर2. 9 g
कैल्शियम19 mg
आयरन0.4 mg
मैग्नीशियम10 mg
फास्फोरस19 mg
पोटैशियम6 mg
सोडियम111 mg
जिंक0. 61 mg
कॉपर0.023 mg
मैंगनीज0.058 mg
सेलेनियम0.2 µg
विटामिन सी, टोटल एस्कॉर्बिक एसिड13 mg
थायमिन0.04 mg
राइबोफ्लेविन0.11 mg
नियासिन0.4 mg
विटामिन बी 60. 035 mg
फोलेट, टोटल5 µg
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड0.016 g
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.037 g
फैटी एसिड, टोटल पोलीअनसैचुरेटेड0.087 g
ट्रिप्टोफन0.002 g
लाइसिन0.009 g
मेथियोनीन0.003 g

सफेद पेठा का जूस कैसे बनाये – Safed Petha Juice Kaise Banaye

safed petha juice

सफेद पेठा जूस (ash gourd juice) बनाना काफी आसान है। इसे तैयार करने में आपको 5 मिनट से भी कम का समय लगेगा। आइये सफेद पेठा जूस बनाने का तरीका (safed petha juice banane ka tarika) जानते हैं।

  • सबसे पहले ऐश गार्ड  को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें।
  • एक गिलास जूस बनाने के लिए लगभग 200-250 ग्राम ऐश गार्ड लें।
  • इसके ऊपर का छिलका और अंदर के बीज निकाल दें। इसके बीज स्वाद में कड़वे होते हैं।
  • अब इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिक्सर में डाल दें।
  • इसमें थोड़ा पानी मिलाएं और फिर मिक्सर को चलाकर इसका रस निकाल लें।
  • उसके बाद इसे किसी साफ और पतले कॉटन के कपड़े से अच्छी तरह छान लें।
  • सफेद पेठे का जूस बनकर तैयार है।
  • आराम से बैठकर शिप-शिप करके इसका सेवन करें। इसे जल्दबाजी में न पिएं।

नोट : सर्दियों के मौसम में आप इसमें शहद या काली मिर्च ऐड कर सकते हैं। इससे इसका कूलिंग इफ़ेक्ट थोड़ा कम हो जाता है। 

सफेद पेठा जूस के फायदे – Safed Petha Juide Ke Fayde

सुबह खाली सफेद पेठा का जूस पीने से शरीर में मौजूद गंदगी और विषैले पदार्थ दूर होते हैं, जिससे शरीर स्वस्थ व फिट रहता है। शरीर से विषैले पदार्थों के दूर होने से वजन घटाने में मदद मिलती है, किडनी व लिवर सही से कार्य करते हैं, पेट स्वस्थ रहता है और चेहरे पर नेचुरल चमक बढ़ती है। साथ ही जो लोग शरीर के गर्मी से परेशान रहते हैं उनके लिए भी सफेद पेठा के जूस के फायदे (safed petha juice ke fayde) बेहद शानदार है, इसके सेवन से शरीर की गर्मी दूर होती है और शरीर को अंदरूनी ठंडक मिलती है। इसके अलावा ऊपर हमने सफेद पेठे के जीतने भी लाभ बताए हैं, वो सभी लाभ आपको ऐश गार्ड जूस से भी प्राप्त होंगे।

सफेद पेठा जूस पीने का सही समय

सफेद पेठे का जूस पीने का सही समय सुबह का समय होता है। सुबह खाली पेट आप इसका सेवन कर सकते हैं। एक बात का जरूर ध्यान रखें कि इसे हमेशा ताजा बनाकर ही पिएं, ज्यादा देर तक रखा न छोड़ें। साथ ही इसके सेवन के बाद कम से कम एक घंटे तक कुछ न खाएं, क्योंकि इस बीच यह शरीर में सफाई का काम करता है।

सफेद पेठे का स्वाद कैसा होता है

अगर आप सोच रहे हैं कि सफेद पेठा स्वाद (ash gourd taste) में बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता होगा या इसका स्वाद कड़वा होता होगा, तो फिर आप गलत हैं। सफेद पेठे का अपना कोई स्वाद नहीं होता है, यह फीका होता है। इसलिए आप आराम से इसका जूस पी सकते हैं, इसे पीने में आपको कोई समस्या नहीं होगी। आप चाहे तो स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा शहद भी मिक्स कर सकते हैं। कुछ लोग इसमें चीनी मिक्स करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बिल्कुल भी सही नहीं होता।

सफेद पेठे का रायता कैसे बनाये

जूस के साथ-साथ सफेद पेठा का आप रायता (safed pethe ka raita) भी बना सकते हैं, इसका रायता बेहद स्वादिष्ट होता है। आइये जानते कि रेसेपी क्या है।

  • ऐश गार्ड को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें।
  • इसका ऊपरी छिलका और अंदर के बीज निकाल लें।
  • अब इसे कद्दूकस कर लें और उसके बाद इसमें दही मिक्स करें।
  • साथ ही इसमें काला या सेंधा नमक, काली मिर्च व भुना हुआ जीरा भी मिला लें।
  • सभी को आपस में अच्छी तरह मिक्स कर लें।
  • सफेद पेठे का रायता बनकर तैयार है।

सफेद पेठा के नुकसान –  Safed Petha Ke Nuksan

कोई भी चीज स्वास्थ्य के लिए कितनी भी ज्यादा लाभकारी क्यों न हो, उसके कुछ न कुछ नुकसान भी होते हैं, पेठे के साथ भी कुछ ऐसा ही है। सफेद पेठा जहाँ स्वास्थ्य के लिए इतना फायदेमंद होता है, वहीं इसके सेवन के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। सफेद पेठा के नुकसान (safed petha ke nuksan)इस प्रकार है। 

  • सफेद पेठा की तासीर ठंडी होती है, इसलिए जिन लोगों को ठंडी चीजें नहीं सूट करती, उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए। 
  • सर्दियों के मौसम में इसके सेवन से सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है, सर्दियों में इसका कम ही सेवन करना चाहिए। 
  • मिठाई के रूप में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता।
  • गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए। 
  • अधिक मात्रा में इसके सेवन से भी शरीर को नुकसान हो सकता है, सिमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।

ऐश गार्ड से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • ऐश गार्ड ककड़ी वंश (Cucurbits Family) से संबंधित है, जिसमें खरबूजा, तरबूज, कद्दू, खीरा व ककड़ी आदि भी आते हैं।
  • इसकी एक सबसे खास बात है की यह जल्दी खराब नहीं होता। साबुत पेठे को ठंडी जगह पर 3-4 महीने या इससे ज्यादा समय तक भी स्टोर करके रखा जा सकता है।
  • दुनियां में ऐश गार्ड का सबसे ज्यादा सेवन भारत और चीन में किया जाता है।
  • इसका इस्तेमाल आप खीरे की तरह सलाद में भी कर सकते है। स्वाद में यह न मीठा होता है और न ही कड़वा या खटा।
  • फेमस आगरा का पेठा (मिठाई) भी ऐश गार्ड से बनाई जाती है।
  • आयुर्वेद के अनुसार ऐश गार्ड शरीर में पॉजिटिव एनर्जी को बढ़ाता है।

निष्कर्ष – Conclusion 

सफेद पेठा (ash gourd) एक ऐसी सब्जी या फल है जो बहुत ज्यादा प्रचिलित नहीं है और ज्यादातर लोग इसे खाना पसंद भी नहीं करते, लेकिन शरीर के लिए इसके लाभ अतुल्य है। इसके सेवन से शरीर से रोग दूर होते हैं और शरीर में सकरात्मक ऊर्जा बढ़ती है। जूस के रूप में इसका सेवन सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। लेकिन किसी भी शारीरिक समस्या में आपको डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए।   

उम्मीद है की सफेद पेठा (ash gourd in hindi) के बारे में आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा। इस आर्टिकल में हमने संक्षेप में सफेद पेठा के फायदे (ash gourd benefits in hindi), उपयोग और सफेद पेठा के नुकसान (safed petha ke nuksan) के बारे में जाना। अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं, हम आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे। साथ ही इस तरह की जानकारियों के लिए आप हमारे अन्य आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQ

Q. सफेद पेठा की तासीर कैसे होती है

Ans. यह ठंडी तासीर का होता है। इसलिए गर्मी में मौसम में इसका सेवन सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

Q. क्या कद्दू और सफेद पेठा एक ही है

Ans. जी नहीं, कद्दू और सफेद पेठा एक नहीं है। इनमें काफी अंतर है। ऊपर आर्टिकल में हमने सफेद पेठा की तस्वीर डाली है, आप उसे ध्यान से देखे। सफेद पेठा बाहर से हल्का हरा और अंदर से सफेद होता है। जबकि कद्दू अंदर से पीले रंग का होता है।

Q. सर्दियों में सफेद पेठा जूस पी सकते हैं

Ans. जी हाँ, सर्दियों में भी आप इसका जूस पी सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे की यह ठंडी तासीर का होता है। इसलिए इसमें थोड़ा शहद या काली मिर्च मिक्स करें, ऐसा करने से इसका कूलिंग इफ़ेक्ट थोड़ा कम हो जाएगा।

Q. क्या सफेद पेठे के जूस को नारियल पानी के साथ मिक्स करके ले सकते हैं

Ans. जी हाँ, आप इसे नारियल पानी के साथ मिक्स करके भी ले सकते हैं। दोनों ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।

Q. क्या सफेद पेठा का जूस पीने से वजन कम होता है

Ans. सफेद पेठे का जूस बॉडी में मौजूद टॉक्सिन्स की सफाई करता है, मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है, पाचन की समस्याओं को दूर करता है और इन सब चीजों का असर आपके वजन पर पड़ता है, इसलिए इसके सेवन से वेट लॉस में मदद मिल सकती है। हालांकि, वेट लॉस के लिए बैलेंस डाइट और एक्सरसाइज सबसे ज्यादा जरूरी होती है।

Q. क्या सफेद पेठे का हलवा भी बनता है

Ans. जी हाँ, कुछ लोग सफेद पेठे का हलवा बनाकर भी खाते हैं। लेकिन स्वास्थ्य के लिए जूस के रूप में इसका सेवन सबसे ज्यादा लाभकारी होता है।

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