कपालभाति प्राणायाम के 15 अद्भुत फायदे, विधि व सावधानियां | Kapalbhati Benefits in Hindi

कपालभाति प्राणायाम के फायदे (Kapalbhati Benefits in Hindi) : रोजाना सिर्फ 5 मिनट कपालभाति प्रणायाम करने से आप खुद को लंबे समय तक शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रख सकते हैं। इसके अभ्यास से शरीर में मौजूद जहरीले पदार्थों (toxins) से मुक्ति मिलती है और मोटापा, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, लिवर, किडनी व पेट से जुड़ी बीमारियों में भी लाभ मिलता है। साथ ही कपालभाति के फायदे (kapalbhati ke fayde) मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छे हैं, यह दिमाग को शांत रखने, तनाव कम करने और स्मरण शक्ति बढ़ाने में भी मदद करता है।  

कपालभाति प्राणायाम (kapalbhati pranayama in hindi) को जीवन की संजीवनी भी कहा जाता है, ऐसा मानना है की इसके नियमित अभ्यास से 100 से भी ज्यादा बीमारियों का खतरा कम हो जाता है और शरीर लंबे समय तक स्वस्थ, जवां और ऊर्जावान रहता है। 

लेकिन बावजूद इसके काफी लोग कपालभाति प्राणायाम के फायदे (kapalbhati benefits in hindi) से अनजान है, जबकि कुछ लोग गलत तरीके से इसका अभ्यास करते हैं, जिससे उन्हें इसके लाभ सही से प्राप्त नहीं होते हैं। इसलिए इस लेख में हम कपालभाति करने का सही तरीका, फायदे और नुकसान के बारे में जानेंगे।

कपालभाति प्रणायाम क्या है – Kapalbhati Pranayama in Hindi

Kapalbhati Pranayama in Hindi

कपालभाति संस्कृत के दो शब्द “कपाल” और “भाति” से मिलकर बना है। जिसमें कपाल का अर्थ माथा (खोपड़ी) और भाति का अर्थ प्रकाश (तेज) से है। इस तरह कपालभाति का अर्थ माथे या खोपड़ी पर तेज उतपन्न करना है। यह दिमाग को तेज करने और याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही यह मस्तिष्क संबंधी समस्याओं को कम करने में भी सहायक होता है। 

कपालभाति षट्कर्म का भी हिस्सा है। षट्कर्म शरीर की शुद्धिकरण के लिए उपयोगी होता है, ऐसा माना जाता है की षट्कर्म में शामिल 6 क्रियाओं के नियमित अभ्यास से शरीर में मौजूद विषाक्त (जहरीले) पदार्थ 60 % तक कम हो जाते हैं। षट्कर्म की इन्हीं 6 क्रियाओं में कपालभाति एक है। आगे हम विस्तार से कपालभाति के फायदे (kapalbhati benefits in hindi) के बारे में जानेंगे।

कपालभाति प्रणायाम के फायदे – Kapalbhati Benefits in Hindi

benefits of kapalbhati pranayama in hindi

1. बॉडी से टॉक्सिन्स का सफाया – Remove Toxins From Body

धूल-मिट्टी, प्रदूषण और गलत खान-पान से हमारे शरीर में बहुत से विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं, जो शरीर के स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं होते। इन विषैले पदार्थों को दूर करने के कई तरीके हैं, जिनमें से कपालभाति प्राणायाम एक है। इसके अभ्यास से शरीर में मौजूद अशुद्धियां व विषाक्त पदार्थ श्वास नली द्वारा बाहर निकल जाते हैं, जिससे शरीर में बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। 

2. फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद – Kapalbhati Benefits For Lungs Health in Hindi

कपालभाति प्राणायाम के फायदे (kapalbhati ke fayde) फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे हैं। यह फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने और फेफड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है। साथ ही इसके अभ्यास से श्वसन प्रणाली भी बेहतर ढंग से कार्य करती है। आजकल बढ़ते प्रदूषण और गलत खानपान के कारण फेफड़ों से जुड़े रोग तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में कपालभाति को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर आप इन रोगों से दूर रह सकते हैं। 

3. तनाव कम करने के लिए कपालभाति के फायदे – Stress Buster Breathing Exercise

stress relief

कपालभाति के नियमित अभ्यास से तनाव भी कम होता है। यह मन को शांत करने और मन में चल रहे नकरात्मक विचारों को दूर करने में मदद करता है। आजकल की व्यस्त जीवन-शैली में तनाव से मुक्ति बहुत जरूरी है। तनाव न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, बल्कि यह शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। ऐसे में कपालभाति और अन्य योगासनों की मदद से तनाव को कम किया जा सकता है। 

4. दिमाग के लिए फायदेमंद – Beneficial For Brain Health

कपालभाति के फायदे (benefits of kapalbhati in hindi) मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छे हैं। यह तनाव को कम करने में तो मदद करता ही है, साथ ही इसके नियमित अभ्यास से दिमाग तेज होता है और स्मरण शक्ति भी सही रहती है। यह मस्तिष्क को ऊर्जान्वित करने का कार्य करता है। जो लोग पढ़ाई कर रहे हैं या फिर किसी कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए कपालभाति का अभ्यास बेहद फायदेमंद हो सकता है।

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5. पाचन को मजबूत बनाये – Kapalbhati Pranayam Benefits For Digestive System in Hindi

कपालभाति (kapalbhati) पाचन क्रिया को भी मजबूती प्रदान करता है। इसके नियमित अभ्यास से पाचन अंगों की कार्य क्षमता में वृद्धि होती है और पाचन से जुड़ी समस्याओं में आराम मिलता है। भोजन से प्राप्त पोषक तत्व शरीर को सही से प्राप्त हो और शरीर में खाया-पिया सही से लगे, इसके लिए पाचन शक्ति का मजबूत रहना बेहद जरुरी होता है। मजबूत पाचन शक्ति ही शारीरिक स्वास्थ्य का आधार होती है।

6. पेट की चर्बी कम करने के लिए कपालभाति प्राणायाम के लाभ

kapalbhati for weight loss

अगर आप पेट की बढ़ती चर्बी से परेशान हैं और इसे कम करने के लिए सब कुछ आजमा चुके हैं, लेकिन फिर भी आपको कोई रिजल्ट नहीं मिला, तो फिर आपको कपालभाति प्राणायाम (kapalbhati pranayama in hindi) का अभ्यास करके देखना चाहिए। यह मोटापा व पेट की चर्बी कम करने की वके बेहतरीन क्रिया है।

दरअसल, कपालभाति करने से पेट की मांसपेशियों में असर पड़ता है और मेटाबॉलिज्म व डाइजेस्टिव सिस्टम भी मजबूत होता है, जिससे मोटापा कम करने में मदद मिलती है। यदि सही विधि से 3 महीने तक सही डाइट के साथ नियमित कपालभाति का अभ्यास किया जाए, तो मोटापे को आसानी से कम किया जा सकता है।

7. पेट की समस्याओं से राहत दिलाये – Benefits of Kapalbhati Paranayam For Stomach Health in Hindi

पेट की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए भी कपालभाति के फायदे (kapalbhati benefits in hindi) अच्छे हैं। इसके नियमित अभ्यास से पेट से जुड़ी विभिन्न समस्याओं जैसे गैस, एसिडिटी व अपच में आराम मिलता है और पेट स्वस्थ रहता है। साथ ही इसके अभ्यास से कब्ज में भी राहत मिलती है। हालाकिं, इसके साथ-साथ आपको अपनी डाइट का भी खास ख्याल रखना होगा।

8. मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाये – Boost Metabolism

kapalbhati pranayama help to boost metabolism

शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया को मेटाबॉलिज्म या चयापचय कहा जाता है। कमजोर मेटाबॉलिज्म शरीर में थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, मोटापा व हाई कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देने का काम करता है, इसलिए मेटाबॉलिज्म का सही ढंग से कार्य करना जरूरी होता है।

लेकिन बढ़ती उम्र के साथ मेटाबॉलिज्म स्लो होने लगता है, ऐसे में इसे मजबूत करने के लिए एक्सरसाइज व खानपान पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है। कपालभाति प्राणायाम मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाने वाली बेस्ट एक्सरसाइज में से एक है। इसके अभ्यास से मेटाबॉलिज्म बेहतर तरीके से कार्य करता है जिससे शरीर स्वस्थ, फिट और ऊर्जावान रहता है। 

9. ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाए – Improve Blood Circulation

कपालभाति के अभ्यास से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन भी सही रहता है। जिससे हार्ट, मस्तिष्क, स्किन, नाखून व बाल स्वस्थ रहते हैं। इसके लिए सुबह या शाम मात्र 5 मिनट कपालभाति प्राणायाम (kapalbhati pranayama in hindi) का अभ्यास ही काफी होता है। 

10. लिवर व किडनी के स्वास्थ्य के लिए कपालभाति प्राणायाम

लिवर हमारे शरीर का सबसे बड़ा आंतरिक अंग है जो शरीर के सभी प्रकार के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए लिवर का स्वस्थ रहना बेहद जरुरी होता है। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए भी कपालभाति के फायदे (kapalbhati ke fayde) अच्छे हैं। 

इसके अभ्यास से लिवर की कार्यक्षमता में सुधार होता है और लिवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। जो लोग फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे उनके लिए भी कपालभाति का अभ्यास फायदेमंद हो सकता है। 

11. शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक – Immunity Ke Liye Kapalbhati Pranayam Ke Fayde

boost immunity power

कपालभाति प्राणायाम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है, जिससे शरीर में रोग जल्दी प्रवेश नहीं कर पाते हैं। दरअसल, शरीर से विषाक्त पदार्थों की सफाई  के कारण इम्युनिटी पावर मजबूत होती है। कोरोना काल में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा भी कपालभाति करने की सलाह दी गई थी।

12. साइनस की समस्या के लिए – Good For Sinus Problem

साइनस नाक से जुड़ा एक रोग है। जिसमें नाक बंद होना, नाक से पानी निकलना, चेहरे में सूजन व सिर दर्द जैसे लक्षण देखने को मिलते है। ऐसे में साइनस के लिए कपालभाति के फायदे ( kapalbhati benefits in hindi) बेहद शानदार है, इसके नियमित अभ्यास से साइनस लाभ मिलता है।

13. थयरॉइड के लिए लाभकारी – Kapalbhati Pranayam For Thyroid in Hindi

थायरॉइड गले में स्थित एक तितली नुमा ग्रंथि है। इस ग्रंथि में खराबी आने के कारण थयरॉइड संबंधी समस्याएं उतपन्न होती है। वैसे तो थायरॉइड के लिए खानपान सबसे ज्यादा जरुरी होता है, जबकि कुछ एक्सरसाइज से भी इस बीमारी में लाभ मिलता है। कपालभाति प्राणायाम भी थयरॉइड के लिए लाभकारी (kapalbhati ke fayde) होता है, यह थायरॉइड ग्रंथि को उत्तेजित करने और हार्मोन को बैलेंस करने में मदद करता है।

14. किडनी के लिए कपालभाति के फायदे – Benefits of Kapalbhati For Kidney Health in Hindi

शरीर के स्वास्थ्य के लिए किडनी का बेहतर ढंग से कार्य करना बेहद जरुरी होता है। लेकिन आजकल गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारन किडनी से   जुड़े रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में किडनी को स्वस्थ रखने के लिए आप खानपान पर ध्यान देने के साथ-साथ योगासन व प्राणायाम का अभ्यास भी कर सकते। कपालभाति किडनी की सेहत के लिए एक उपयोगी ब्रीथिंग एक्सरसाइज है, इसके नियमित अभ्यास से किडनी की कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने में काफी मदद मिल सकती है।         

15. त्वचा के लिए कपालभाति के फायदे – Kapalbhati Benefits For Skin in Hindi

kapalbhati benefits for skin in hindi

त्वचा के लिए भी कपालभाति के फायदे (kapalbhati pranayama in hindi) अध्भुत है। शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही रहने और टॉक्सिन्स की सफाई के कारण त्वचा को इसका पूरा लाभ मिलता है। इसके नियमित अभ्यास से त्वचा पर चमक बढ़ती है, आँखों के नीचे के काले घेरे कम होते हैं और इससे त्वचा पर बढ़ती उम्र के प्रभावों को कम करने में भी मदद मिलती है। चेहरे का तेज बढ़ाने के लिए कपालभाति बेस्ट एक्सरसाइज में से एक है।

कपालभाति प्राणायाम के अन्य फायदे – Kapalbhati Pranayama Ke Fayde in Hindi  

  • कपालभाति करने से नींद की गुणवत्ता में भी काफी सुधार होता है और रात को अच्छी नींद आती है। 
  • कपालभाति करने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल भी सही रहता है, डायबिटीज के रोगियों के लिए इसका अभ्यास काफी फायदेमंद हो सकता है।  
  • कपालभाति करने से शरीर में ऊर्जा का विकास होता है और शरीर दिनभर एनर्जेटिक रहता है।
  • इसके अभ्यास से दिमाग में चल रहे बुरे ख्यालों यानी नकरात्मक विचारों को दूर करने में भी मदद मिलती है। 
  • श्वसन संबंधी रोगों के लिए कपालभाति का नियमित अभ्यास लाभकारी माना जाता है। 
  • आँखों के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। 
  • इसके नियमित अभ्यास से हड्डियों को भी मजबूती प्रदान होती है। 
  • पुरषों की सेक्सुअल क्षमता को बढ़ाने में कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास लाभकारी होता है। 
  • यह नाईट फॉल की समस्या को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है।
  •  इसके अभ्यास से स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है जिससे हेयर फॉल की समस्या में भी लाभ मिलता है। 
  • महिलाओं के लिए भी कपालभाति प्राणायाम के फायदे अच्छे हैं। यह मासिक धर्म से जुड़ी समयासों को कम करने में मदद करता है।  

पढ़ना जारी रखें,
आगे हम कपालभाति प्राणायाम करने का सही तरीका और सावधानियों के बारे में जानेंगे।

कपालभाति करने का सही तरीका – Kapalbhati Karne Ka Sahi Tarika

कपालभाति के लाभ (benefits of kapalbhati pranayama in hindi) जानने के बाद अब इसके अभ्यास का सही तरीका भी जान लेते हैं। कपालभाति के अभ्यास को लेकर लोगों के मन में कई सवाल होते हैं और कुछ लोग गलत विधि से इसका अभ्यास करते हैं, जिससे उन्हें इसके लाभ प्राप्त नहीं होते हैं। इसलिए यदि आप कपालभाति के फायदे सही से प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको उचित विधि से ही इसका अभ्यास करना चाहिए। आइये जानते हैं, कपालभाति करने का सही तरीका (kapalbhati karne ka sahi tarika) क्या है।

  • कपालभाति प्राणायाम करने के लिए किसी शांत जगह का चुनाव करें।
  • उसके बाद जमीन पर मैट बिछाकर सुखासन या आरामदायक पोजीशन में बैठ जाएं। 
  • ध्यान रहे की आपकी रीढ़ एकदम सीधी होनी चाहिए।
  • आँखों को आप बंद करके रखें, इससे ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।
  • दोनों हाथ घुटनों पर होने चाहिए, आप हाथों को ज्ञान मुद्रा में भी रख सकते हैं। 
  • अब नाक द्वारा गहरी सांस लें और पेट को अंदर की ओर सिकोड़ते हुए सांस बाहर छोड़े।
  • सांसों को बाहर छोड़ते समय बिल्कुल भी जोर न लगाए। 
  • शुरुआत में ऐसा 15-20 बार करने की कोशिश करें। 

बिगिनर्स के लिए कपालभाति करने का आसान तरीका – Kapalbhati Pranayama For Beginner in Hindi

कपालभाति करते समय रीढ़ का सीधा रहना बेहद जरुरी होता है, लेकिन बिगिनर्स को इसमें थोड़ी परेशानी हो सकती है। इसलिए रीढ़ को सीधा रखने के लिए आप किसी चीज का सहारा भी ले सकते हैं। साथ ही शुरुआत में आप ज्यादा तेज गति से इसके अभ्यास का प्रयास न करें।

कपालभाति कितनी देर करना चाहिए – Kapalbhati Kitni Der Karna Chahiye

कपालभाति (kapalbhati) का अभ्यास आपको अपनी क्षमतानुसार ही करना चाहिए। शुरुआत में आप 2-3 मिनट ही इसका अभ्यास करें तो बेहतर होगा, फिर जब आप आसानी से और सही तरीके से इसका अभ्यास करने लग जाएं, तब आप 5-10 मिनट तक भी इसका अभ्यास कर सकते हैं।


इसे तीन-पांच चक्रों में विभाजित कर लें और प्रतेक चक्र के बाद थोड़ी देर विश्राम करें। सांसों की गति सामान्य होने के बाद इसके अगले चक्र का अभ्यास करें। साथ ही ध्यान रहे की कपालभाति के अभ्यास के दौरान शरीर के साथ किसी प्रकार की कोई जोर जबरदस्ती न करें, इसे अच्छी तरह समझने के बाद ही इसका अभ्यास आरम्भ करें।   

कपालभाति प्राणायाम करते समय क्या सावधानियां बरतें – Kapalbhati Karte Samay Kya Savdhani Barte

  • कपालभाति करते समय पेट की मूवमेंट पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें।
  • शुरुआत में बहुत तेज गति से इसके अभ्यास का प्रयास न करें।  
  • कपालभाति करते समय आपके कंधे नहीं हिलने चाहिए, इस बात का खास ख्याल रखें।
  • अभ्यास के दौरान अगर किसी तरह की असुविधा या दर्द महसूस हो तो इसका अभ्यास बंद कर दें। 
  • हाई ब्लड प्रेशर, हर्निया व अल्सर के मरीजों को इसके अभ्यास से बचना चाहिए। 
  • किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी या चोट में डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका अभ्यास करना चाहिए। 
  • भोजन के तुरंत बाद इसका अभ्यास न करें।

कपालभाति कब करना चाहिए – Kapalbhati Kab Karna Chahiye

सुबह का समय कपालभाति (kapalbhati pranayama in hindi) करने का सबसे अच्छा समय होता है। सुबह खाली पेट किसी शांत और खुली जगह में इसके अभ्यास का अपना ही एक आनंद है। यदि आप किसी कारणवश सुबह इसका अभ्यास नहीं कर सकते, तो आप शाम के समय भी इसका अभ्यास कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे की भोजन करने के कम से कम 4-5 घंटे बाद ही (जब पेट पूरी तरह से खली हो) इसका अभ्यास करना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल –  FAQ 

Q. क्या कपालभाति करने से मोटापा कम होता है 

Ans. कपालभाति मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने, पाचन को मजबूत बनाने और शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर करने में मदद करता है, जिससे मोटापा कम में मदद मिलती है।

Q. क्या कपालभाति शाम के समय भी कर सकते हैं?

Ans. जी हाँ, आप इसे शाम के समय भी कर सकते हैं, लेकिन इस समय आपका पेट पूरी तरह से खाली होना चाहिए।

Q. क्या गर्भवती महिलाएं कपालभाति कर सकती है?

Ans. गर्भवती महिलाओं को इसके अभ्यास से बचना चाहिए। उनके लिए यह उपयोगी नहीं है। 

Q. क्या फैटी लिवर की समस्या में कपालभाति कर सकते हैं? 

Ans. जी हाँ, फैटी लिवर की समस्या में आप इसका अभ्यास कर सकते हैं। यह लिवर से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है।

Q. कपालभाति कितनी देर तक करना चाहिए?

Ans. आप अपनी क्षमतानुसार 2 मिनट से लेकर 5 मिनट तक इसका अभ्यास कर सकते हैं। इसे लगातार न करके 3-5 सेटों में करें।

Q. क्या योग आसन के अभ्यास के बाद कपालभाति कर सकते हैं?

Ans. जी हाँ, योगासन के अभ्यास के बाद आप कपालभाति प्रणायाम कर सकते हैं।

निष्कर्ष – Conclusion 

स्वास्थ्य के लिए कपालभाति के फायदे (kapalbhati benefits in hindi) अध्भुत है, इसलिए आपको इसे अपने योग सत्र में जरूर शामिल करना चाहिए। इसके अभ्यास का सबसे बड़ा लाभ है की यह बॉडी में मौजूद टॉक्सिन्स की सफाई करता है और शरीर की इम्युनिटी को मजबूत बनाता है। लेकिन कपालभाति का अभ्यास हमेशा ही सही विधि से करना चाहिए, गलत विधि से इसके अभ्यास का कोई लाभ नहीं है। 

उम्मीद है की आपको यह लेख पसंद आया होगा। अगर आपके मन में कपालभाति प्राणायाम (kapalbhati pranayama in hindi) को लेकर कोई सवाल हो तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। साथ ही इसी तरह की जानकारियों के लिए आप हमारे अन्य आर्टिकल भी पढ़ सकते हैं और इस आर्टिकल को अन्य लोगों के साथ फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया पेज पर शेयर भी कर सकते हैं।  

कपालभाति प्राणायाम का वीडियो – Kapalbhati Video in Hindi

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Deepak Bhatt

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