Mobile Addiction in Hindi | Mobile Addiction किस तरह सेहत के लिए हैं खतरनाक और इससे कैसे बचे

Mobile Addiction Hindi : मोबाइल ने आधुनिक युग मे इंसान के जीवन को बहुत ज्यादा सरल और सुखमयी बना दिया हैं। रिस्तेदारो और दोस्तों से जुड़े रहने में मोबाइल आज की तारीख में सबसे ज्यादा उपयोगी साबित हो रहा हैं, बच्चों की पढ़ाई आजकल मोबाइल के जरिये ऑनलाइन हो रही हैं और बहुत से लोगों के बिज़नेस भी आजकल मोबाइल की मदद से ही आगे बढ़ रहे हैं।

लेकिन मोबाइल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल यानी मोबाइल एडिक्शन (mobile addiction in hindi) का स्वास्थ्य पर बहुत ज्यादा बुरा प्रभाव भी पढ़ रहा हैं, जिसकी तरफ अभी लोगों का ध्यान नहीं जा रहा। इस आर्टिकल में हम ज्यादा मोबाइल चलाने के नुकसान (jada mobile chalane ke nuksan) की बात करेंगे और साथ ही जनेंगे कि mobile addiction से कैसे दूर रहें (mobile addiction se kaise bache)

 आज की जीवन शैली में लोगों के लिए मोबाइल सब कुछ हैं, मोबाइल के बिना 10 मिनट गुजारना भी लोगों को रास नहीं आ रहा। सुबह उठते ही लोग सबसे पहले मोबाइल में message और mail चेक करते हैं और उसके बाद अपनी दिनचर्या को आगे बढ़ाते हैं।

 इसी तरह रात में भी मोबाइल चलाते चलाते कब दो बज जाते हैं पता नहीं चलता। कुछ लोग तो भोजन करते समय भी मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं और कुछ लोग बाथरूम तक मोबाइल को साथ ले जाते हैं।

Mobile Addiction क्या हैं / Mobile Addiction in hindi

 Mobile addiction उस स्थिति को कहते हैं जब कोई इंसान मोबाइल चलाने का आदि बन जाता हैं और मोबाइल के बिना 10 मिनट भी नहीं रह पाता। यह ठीक सिगरेट, तम्बाकू व शराब के नशे के समान ही हैं जिसमें अगर किसी व्यक्ति के पास फोन न रहे तो उसे किसी अन्य चीज में मन नहीं लगता।

मोबाइल में लोग किसी भी चीज के आदि हो सकते हैं, जैसे कुछ लोग मोबाइल में गेम खेलने के आदि होते हैं और पूरा दिन मोबाइल में गेम ही खेलते रहते है, इसी प्रकार कुछ लोग video देखने के आदि होते हैं, कुछ लोग chatting करने के आदि होते हैं और कुछ लोग social media जैसे फेसबुक व इंस्टाग्राम चलाने के एडिक्ट (mobile addict) होते हैं। लोग कैसे मोबाइल एडिक्शन (mobile addiction in hindi) का शिकार बनते हैं

1. सोशल मीडिया मोबाइल एडिक्शन

Mobile Addiction in Hindi | Mobile Addiction किस तरह सेहत के लिए हैं खतरनाक और इससे कैसे बचे

सोशल मीडिया मोबाइल एडिक्शन की एक सबसे बड़ी वजह हैं। लोग अपना पूरा दिन सोशल मीडिया साइट्स जैसे facebook, instagram, whatsapp व snapchat आदि पर गुजार रहे हैं। इन साइट पर लोग अपने दोस्तों, रिस्तेदारो और अपने पसंदीदा लोगों को फॉलो करते हैं और दिनभर उनके डाले गए पोस्ट, वीडियो व फ़ोटो को दिखते रहते हैं। कुछ लोग खुद पॉपुलर होने के लिए इन सोशल मीडिया साइट पर पूरा दिन अपना समय बिताते हैं।

2. मोबाइल गेमिंग एडिक्शन

गंमिंग एडिक्शन भी ज्यादा मोबाइल (mobile addiction in hindi) चलाने की एक बड़ी वजह हैं। आजकल की गेम इस तरह से बनाई जाती हैं कि लोग घंटों तक उन्हें खेलते रहे। गंमिंग एडिक्शन के सबसे ज्यादा शिकार छोटे बच्चे हैं और इससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव तो पड़ता ही हैं, साथ ही बच्चों की दिमाग पर भी इन गेम्स का बुरा प्रभाव पड़ता हैं।

3. मोबाइल में बात करने के आदि

मोबाइल एडिक्शन में अगली श्रेणी घंटों मोबाइल में बात करने वाले लोगों की हैं। कुछ लोग मोबाइल पर घंटों अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से बात करते हैं जो एक तरह का मोबाइल एडिक्शन (mobile addiction in hindi) ही हैं। ऐसे लोग जब भी थोड़ा समय मिलता हैं वो तुरंत किसी न किसी को फोन करके बात करने लगते हैं।

4. मोबाइल से पैसे कमाने की आदत

शायद आप मे से कुछ लोगों को यह जानकारी न हो की मोबाइल से पैसे भी कमाए जाते हैं। इंटरनेट और कई ऐसे Apps हैं जो लोगों को पैसे कमाने का मौका देते हैं, ऐसे में कुछ लोग इन एप्स का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने लगते हैं और अपना पूरा दिन कुछ पैसे कमाने के लिए इन Apps पर बर्बाद कर देते हैं।

5. शार्ट वीडियो एप्प का ज्यादा इस्तेमाल

आजकल छोटी मोबाइल वीडियो का चलन हैं जो बस कुछ ही सेकंड की होती हैं। इन वीडियो एप्पस का डिजाइन कुछ ऐसा होता हैं कि एक वीडियो खत्म होने पर अपने आप ही दूसरी वीडियो शुरू हो जाती हैं। एक बार एक वीडियो देखने पर लोग घंटों तक इससे बाहर नहीं निकल पाते हैं और वे इन वीडियो के आदि हो जाते हैं।

6. बच्चे भी हैं मोबाइल एडिक्ट

3 से 5 साल के बच्चे भी आजकल मोबाइल एडिक्ट (mobile addiction in hindi) बन रहे हैं। यह जानकर आपको थोड़ा आश्चर्य हो रहा होगा कि 3 साल का बच्चा कैसे मोबाइल एडिक्ट हो सकता हैं जबकि वह मोबाइल चला भी नहीं सकता।

छोटे बच्चों को अक्सर उनके परिजन मोबाइल में कार्टून दिखाने के आदि बना देते हैं। जब भी बच्चा रोता हैं तो उसे मोबाइल में कार्टून दिखाकर चुप कराया जाता हैं, जिससे धीरे धीरे बच्चों को इनसे लगाव हो जाता हैं और वे फिर हर समय कार्टून देखने की जिद करते रहते हैं। 

ज्यादा मोबाइल चलाने के नुकसान / mobile chalane ke side effects

Mobile Addiction in Hindi | Mobile Addiction किस तरह सेहत के लिए हैं खतरनाक और इससे कैसे बचे

1. दिमाग के लिए नुकसानदायक

ज्यादा मोबाइल चलाने का नुकसान (mobile jada chalane ke nuksan) सबसे ज्यादा दिमाग के लिए हैं। पूरा दिन मोबाइल चलाने से दिमाग को थोड़ा सा आराम नहीं मिल पाता हैं जिसकी वजह से दिमाग की मांसपेशियां सही ढंग से अपना कार्य नहीं कर पाती हैं। जिसके कारण भूलने की समम्स्या, सर दर्द और चिंडचिड़ापन होना आम बात हैं।   

2. आंखों के लिए नुकसानदायक

ज्यादा मोबाइल चलाने का नुकसान (mobile jada chalane ke nuksan) आंखों के लिए भी खतरनाक होता हैं। मोबाइल में मौजूद ब्लू लाइट्स से आंखों पर दुस्प्रभाव पड़ता हैं जिससे आंखों में थकान, जलन और आंखों से पानी निकलने की समस्या उत्पन्न होती हैं और धीरे धीरे आंखों की रौशनी काम होने लगती हैं। छोटे बच्चों के लिए यह सबसे ज्यादा खतरनाक हैं।

3. मानसिक तनाव

ज्यादा मोबाइल चलाने (jada mobile chalane ke nuksan) से मानसिक तनाव भी बढ़ सकता हैं। ज्यादातर लोग जो मोबाइल एडिक्ट होते हैं वे दूसरे लोगों के मुकाबले किसी भी चीज को लेकर बहुत ज्यादा नकरात्मक सोचते हैं और परेशान रहते हैं। मोबाइल की दुनियां एक वर्चुअल दुनियां होती हैं जिसमें लोग केवल अपनी खुशियों को ही जाहिर करते हैं दूसरे की खुशियों को देखकर कुछ लोग अपने आप को कमजोर महसूस करने लगते हैं। 

4. नींद न आना

अनिद्रा की समस्या कुछ समय से बहुत तेजी से बढ़ रही हैं और अनिद्रा की इस समस्या का एक बड़ा कारण बहुत ज्यादा मोबाइल चलाना ही हैं। ज्यादा मोबाइल चलाने से रात को नींद न आने की परेशानी होना एक आम बात हो गयी हैं और इस बात का प्रमाण कई शोधों से भी प्राप्त होता हैं।

5. शारीरिक हेल्थ के लिए खतरनाक

ज्यादा मोबाइल चलाने के नुकसान (smartphone jada chalane ke nuksan) शारीरिक हेल्थ के लिए भी बहुत खतरनाक हैं। अपने खाली समय में घूमने फिरने और एक्सरसाइज करने की जगह मोबाइल चलाना खराब फिजिकल हेल्थ का एक मुख्या कारण बनता जा रहा हैं। मोबाइल चलाने में कुछ लोग इतना व्यस्त हो जाते हैं की वह भोजन से प्राप्त कैलोरी को बर्न करने की भी नहीं सोचते हैं और बस एक जगह बैठकर पूरा दिन मोबाइल चलाते रहते हैं। 

6. यूनिक आइडियाज की कमी

आजकल के समय में सफल होने के लिए आपके मन में नए और अनोखे विचारों का आना सबसे जरूरी हैं, नए विचारों के कारण ही भारत में आज हर वर्ष इतने स्टार्टअप बिज़नेस शुरू हो रहे हैं। मगर ज्यादा मोबाइल चलाने से मन में नए विचारों का आगमन नहीं होता और ऐसा व्यक्ति एक ही जगह फसा रह जाता हैं। ज्यादा मोबाइल चलाने वाले व्यक्ति (mobile addiction in hindi) का दिमाग केवल मोबाइल तक ही सिमित रहता हैं। 

7. रेडिएशन का खतरा

मोबाइल से निकलने वाला रेडिएशन भी स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक होता हैं। कुछ लोग तो रात को भी मोबाइल अपने सीने में रखकर सोते हैं, जो बिलकुल गलत हैं और इससे कैंसर जैसी भयंकर बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता हैं। 

8. रियल वर्ल्ड से दूरी

ज्यादा मोबाइल चलाने वाले लोग अक्सर समाज से भी दूर होने लगते हैं। ऐसे लोग रियल दुनियां में न तो दोस्त बना पाते हैं और न ही किसी से मेल मिलाव रखने की कोशिश करते हैं। आपने भी अपने आस पास बहुत से ऐसे लोगों को देखा होगा जिनके सोशल मीडिया में तो हज़ारों दोस्त होते हैं पर रियल दुनियां में एक भी अच्छा दोस्त नहीं होता। अच्छे दोस्त बनाने के लिए दोस्तों को थोड़ा समय भी देना होता हैं जो कुछ लोग मोबाइल एडिक्शन के कारण नहीं दे पाते हैं। 

मोबाइल से दूर रहने के उपाय | स्मार्ट फोन की लत कैसे छुड़ाएं

स्मार्ट फोन की लत छुड़ाने के लिए कुछ उपाय इस प्रकार हैं।

1. मोबाइल चलाने का एक टाइम टेबल बना लें

दिनभर मोबाइल चलाने की जगह आपको सबसे पहले मोबाइल चलाने का एक निश्चित समय बांध लेना हैं। आपको मोबाइल चलाने का एक टाइम टेबल बना लेना हैं और उसी टाइम टेबल के हिसाब से आपको स्मार्टफोन इस्तेमाल करना हैं, यह स्मार्टफोन की लत से छुटकारा पाने का (mobile addiction in hindi) सबसे अच्छा तरीका हैं।

2. मोबाइल को रखे दूर

 स्मार्टफोन हर वक्त अपने हाथ और जेब में रखने की जगह स्मार्टफोन को अपने से थोड़ा दूर ही रखें। जब जब स्मार्टफोन आपके हाथ मे होगा तब तब आप उसमें कुछ न कुछ चेक करते रहोगे। इसके साथ ही जब भी आप बाहर घूमने जाए तो साथ में स्मार्टफोन ले जाना भी अवॉइड करें, ऐसी छोटी छोटी आदतें बनाने से भी स्मार्टफोन चलाने की लत दूर होने लगती हैं।

3. आवश्यक काम निपटाने के बाद ही मोबाइल का इस्तेमाल करें

सुनिश्चित करें कि सुबह सबसे पहले अपने जरूरी काम निपटा लें, एक्सरसाइज या योग कर लें और उनके बाद ही मोबाइल का इस्तेमाल करें। इसी तरह रात को भी सोने से एक से दो घंटे पहले स्मार्टफोन का इस्तेमाल बंद कर दें।

4. केवल जरूरी नोटिफिकेशन ऑन रखें

अपने स्मार्टफोन में अपने काम से संबंधी ऐप्स के नोटिफिकेशन ही ऑन रखें, बाकी सभी एप्स के नोटिफिकेशन बंद रखें। ऐसा करने से भी आप बारबार मोबाइल की तरफ देखने की आदत से छुटकारा पा सकते हैं। 

5. मोबाइल में कम से कम एप्स रखें

आजकल दिन प्रतिदिन नए नए और अनोखे एप्स आते रहते हैं, कुछ लोग अपने फ़ोन में बहुत सारे एप्स इंस्टाल करके रखते हैं और बड़ी बारी एक एक करके इन एप्स को चेक करते रहते हैं। इससे वह अपना काफी समय इन्ही एप्स पर बिता देते हैं। आपको ऐसा नहीं करना हैं और अपने फ़ोन में केवल उन्ही एप्स को जगह दे जिनकी आपको वाकई में जरूरत हैं। इससे आपकी मोबाइल देखने की लत काफी हद तक कम हो जाएगी।

6. किताबें पढ़ना शुरू कर दें

मोबाइल की लत से बचने के लिए आपको किताबों से दोस्ती करनी चाहिए। किताबें पढ़ने से ज्ञान का विस्तार होता हैं और समय भी आसानी से कट जाता हैं। इस समय दुनियां में जितने भी महान व्यक्ति या विचारक हैं वे भी आपको मोबाइल की जगह किताबें पढ़ने को कहेंगे। एलोन मस्क, वॉरेन बफेट, बिल गेट्स और रतन टाटा जैसे सफल बिजनेसमैन किताबों के सहारे ही आगे बढ़ें हैं और अभी तक किताबें पढ़ते हैं।

7. योग और ध्यान का सहारा लें

योग हर रोग और समशय का मर्ज हैं। योग और ध्यान की मदद से आपके मन को शांति मिलती हैं, शरीर मे ऊर्जा का विकास होता हैं, नकरात्मक विचार दूर होते हैं और आपका दिमाग हर समय कुछ नया करने की सोचता हैं। ऐसे में दिमाग में अच्छे और नए विचार उत्पन्न होते हैं, जो मोबाइल से दूरी बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं।

निष्कर्ष

मोबाइल एडिक्शन (mobile addiction in hindi) से छुटकारा पाना कोई ज्यादा मुश्किल काम नहीं हैं, आप ऊपर बताए गए तरीकों से आप मोबाइल का इस्तेमल आसानी से कम कर सकते हैं या अपने तरीकों से मोबाइल का इस्तेमाल कम करें। ऐसा करने से आप वक्त रहते मोबाइल एडिक्शन का शिकार होने से बच सकते हैं।

ध्यान रहे की आप मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं और उसे अपने इसारो पर उसे चला रहे हैं, मोबाइल को कभी भी अपने ऊपर हावी न होने दें। उम्मीद हैं की आपको हमारा यह पोस्ट मोबाइल एडिक्शन (mobile addiction in hindi) के विषय में पसंद आया होगा

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Deepak Bhatt

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